वाराणसीपूर्वांचल
Trending

बीएचयू में इंटरडिसिप्लिनरी स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज़: शोध-उन्मुख स्नातकोत्तर कार्यक्रम की शुरुआत –

 

 

वाराणसी :-  नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश शुरू वाराणसी । काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विज्ञान संस्थान जैव प्रौद्योगिकी विभाग के इंटरडिसिप्लिनरी स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज़ के नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के सहयोग से स्थापित इंटरडिसिप्लिनरी स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज़ एक बहुविषयक एवं शोध-उन्मुख कार्यक्रम है, जिसमें वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, जैव रसायन, जैव प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान तथा कम्प्यूटेशनल जीव विज्ञान जैसे विषयों का समन्वित अध्ययन कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन विज्ञान की जटिलताओं की समग्र समझ प्रदान करना तथा स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण एवं जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित समकालीन चुनौतियों के समाधान हेतु सक्षम बनाना है। बीएचयू जनसम्पर्क कार्यालय के अनुसार दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) के इस कार्यक्रम में उन्नत प्रयोगशाला प्रशिक्षण, अनुसंधान पद्धति, जैव-सूचना विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जैविक अनुप्रयोग, फील्ड अध्ययन तथा शोध-आधारित प्रबंध को विशेष महत्व दिया गया है। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में प्रवेश कट पीजी में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा । विश्वविद्यालय के नियमानुसार काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से सीट आवंटन किया जाएगा। जीव विज्ञान एवं संबंधित जैविक विषयों में स्नातक उपाधि प्राप्त अभ्यर्थी आवेदन के पात्र हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में अंतर्विषयी शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान, नैतिक मूल्यों एवं समालोचनात्मक चिंतन पर विशेष बल दिया गया है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध संस्थानों, जैव प्रौद्योगिकी उद्योग, स्वास्थ्य क्षेत्र तथा सीएसआईआर,यूजीसी,नेट,गेट,आईसीएमआर जेआरएफ जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं एवं फेलोशिप अवसरों के लिए तैयार करेगा। एम.एससी. लाइफ साइंसेज़ कार्यक्रम की शुरुआत बीएचयू में जीवन विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। संधान के उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध कराएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

You cannot copy content of this page