
वाराणसी:– 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने विश्वविद्यालय परिवार के साथ योगाभ्यास किया। विश्वविद्यालय क्रीड़ांगन में राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में

कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि आज विश्व के हर कोने में यह संदेश गूंज रहा है कि योग के माध्यम से जीवन को बेहतर ढंग से जिया जा सकता है और मानवता का कल्याण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योग हमारे शरीर की आंतरिक शक्ति को जागृत करता है तथा हमें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से ही हम भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होंगे। योग का मूल उद्देश्य मानव जीवन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना है और ऐसे आयोजन समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करते हैं| कुलपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को व्यापक पहचान मिली है और आज पूरी दुनिया इसके महत्व को स्वीकार कर रही है।


मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग, उत्तर प्रदेश रविंद्र जायसवाल ने कहा कि कार्यालय जाने से पहले योग और प्राणायाम करने से व्यक्ति की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है। इस अवसर पर उन्होंने सभी लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और योग से जुड़ने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में यूट्यूब के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश का सजीव प्रसारण सुना गया। इसके बाद कुलपति प्रो. त्यागी एवं अतिथिगण ने योग जागरूकता साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सतेन्द्र कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, निदेशक आउटरीच प्रो. संजय, मुख्य गृहपति डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह, सहायक कुलसचिव डॉ. आनन्द कुमार सिंह व सुरेन्द्र कुमार, सम्पत्ति अधिकारी डॉ. एस.एन. सिंह सहित विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, निदेशक, विभागाध्यक्ष, पाठ्यक्रम प्रभारी, एन.एस.एस. समन्वयक, लेफ्टिनेंट- एन.सी.सी., अध्यापकगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवक, कैडेट्स आदि उपस्थित रहे।



