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समोसा-वड़ा पाव पर सरकार की सख्ती, FSSAI ने जारी किया अलर्ट;नियम तोड़ने पर जेल तक की नौबत –

 

दिल्ली:-  समोसा-वड़ा पाव बेचने वालों के लिए नया नियम –

FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) ने अखबार में खाना परोसने, पैक करने या लपेटने पर सख्त रोक लगा दी है।

यह आदेश हाल ही में एक प्रसिद्ध वड़ा पाव विक्रेता द्वारा अखबार में खाद्य पदार्थ परोसने की घटना के बाद जारी किया गया।

अब समोसा, वड़ा पाव, भजिया, पकौड़े या अन्य खाद्य पदार्थों को अखबार में पैक करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

 

नियम क्या कहते हैं?

खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 के तहत खाद्य पदार्थों को रखने, पैक करने या लपेटने के लिए अखबार अथवा इसी प्रकार की सामग्री का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। एफएसएसएआई इस संबंध में पहले भी सलाह जारी कर चुका है, लेकिन अब उसने एक बार फिर इस प्रतिबंध को दोहराया है –

किन कारोबारियों पर लागू होंगे निर्देश?

एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि यह निर्देश सभी प्रकार के खाद्य कारोबारियों पर लागू होंगे। इनमें शामिल हैं-

• स्ट्रीट फूड विक्रेता

• रेस्तरां और होटल

• क्लाउड किचन

• कैटरिंग सेवाएं

• क्विक सर्विस रेस्तरां (क्यूएसआर)

• खाद्य विक्रय प्रतिष्ठान

• छोटे खुदरा विक्रेता

• मोबाइल फूड वेंडर

• फेरीवाले और ठेला संचालक – 

अखबार का इस्तेमाल किन कामों में नहीं किया जा सकेगा?

नियामक के अनुसार खाद्य कारोबारियों को निम्न कार्यों में अखबार का उपयोग नहीं करना चाहिए

• भोजन पैक करने के लिए

• खाद्य सामग्री लपेटने के लिए

• अतिरिक्त तेल सोखने के लिए

• खाद्य सामग्री ढकने के लिए

• खाद्य पदार्थों के भंडारण या परिवहन के लिए

• किसी भी प्रकार के प्रत्यक्ष खाद्य संपर्क के लिए।

 

फूड-ग्रेड पैकेजिंग अपनाने की सलाह –

एफएसएसएआई ने सभी खाद्य कारोबारियों से केवल स्वीकृत और सुरक्षित फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री का उपयोग करने की अपील की है। नियामक का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही आम लोगों से भी आग्रह किया गया है कि यदि उन्हें अखबार में परोसा या पैक किया गया भोजन दिया जाता है तो वे सतर्क रहें और ऐसी प्रथाओं को हतोत्साहित करें।

FSSAI के अनुसार अखबार की स्याही में लेड (Lead), भारी धातुएं और अन्य हानिकारक रसायन होते हैं, जो भोजन में मिल सकते हैं।

ऐसे रसायनों के लंबे समय तक सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

अखबार वितरण और उपयोग के दौरान कई अस्वच्छ सतहों के संपर्क में आता है, जिससे उसमें बैक्टीरिया और रोगजनक मौजूद हो सकते हैं।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 के तहत अखबार में भोजन रखना, लपेटना या परोसना पहले से ही प्रतिबंधित है।

यह नियम स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, रेस्तरां, क्लाउड किचन, कैटरर्स, फूड स्टॉल, मोबाइल फूड वेंडर्स और छोटे दुकानदारों सभी पर लागू होगा –

खाद्य सुरक्षा पर बढ़ रहा फोकस

एफएसएसएआई ने कहा कि वह राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमों के पालन की निगरानी कर रहा है। इसके साथ ही खाद्य एवं पेय उद्योग में सुरक्षित, स्वच्छ और टिकाऊ पैकेजिंग को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुंबई की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सुविधा के लिए अपनाई गई छोटी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। इसलिए अगली बार जब कोई खाद्य पदार्थ अखबार में लिपटा मिले, तो यह समझना जरूरी है कि वह केवल एक पैकेट नहीं, बल्कि संभावित स्वास्थ्य जोखिम भी हो सकता है।

 

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