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स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक से जोड़ें: सीएम –

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए: सीएम -

 

 

रवि

लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की समीक्षा करते हुए साफा पर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का लाभ सीधे आम आदमी को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकारी हेल्थकेयर में उपचार, जांच, औषधि और उपचार सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर होनी चाहिए। साथ ही, मेडिकल सुपरमार्केट, सुपरमार्केट कोचिंग और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर मानव संसाधन और प्रभावशाली प्रबंधन से बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल संस्थान उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि प्रदेश को प्रशिक्षण चिकित्सक, विशेषज्ञ और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध कराना है। उन्होंने आधुनिक उपकरणों में मेडिकल स्टूडेंट, विशेषज्ञ फैकल्टी और रिसर्च रिसर्च को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 क्षेत्रीय निबंधन, 106 विशिष्ट निबंधन, 976 सामाजिक स्वास्थ्य केंद्र, 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। साल 2025-26 में सरकारी एजेंसियों ने 26.41 करोड़ डुप्लिकेट बिजनेस और 1.23 करोड़ डोमेस्टिक बिजनेस ने कमाई की, जबकि 24.33 करोड़ जापानी डूबे। वर्ष 2016-17 की तुलना में सत्र 2025-26 तक प्रदेश में मेडिकल फिल्मों की संख्या 44 से 83 हो गई, जो 88.6 प्रतिशत की वृद्धि है। पिछले 10 वर्षों में पिरामिड की संख्या 1344 से बराड़ा 5067 तक पहुँच गयी है, जबकि पिछवाड़े में 5390 से बराड़ा 12800 तक पहुँच गयी है। सुपर स्पेशलिटी में भी लगभग 165 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं। पोर्टफोलियो, जीएनएम, नर्सिंग बी.एस.एस.आई.सी.जी. और अन्य ए.के. की रेटिंग में बढ़ोतरी हुई है और राज्य में लगभग 3.95 लाख पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध हैं। ‘मिशन निरामया 1.0’ के तहत सरकारी सुधारों की जानकारी भी दी गई। बताया गया है कि 17 हजार से अधिक छात्रों तक 17 हजार से अधिक छात्रों का परामर्श सत्र आयोजित किया गया। 10,570 नर्सिंग कॉलेज को प्रशिक्षित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, आयुष्मान योजना गरीब और परिवार का सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने दावा किया कि इंजीनियर के तय समय में सोलर सिक्योरिटी करने के निर्देश देते हुए कहा गया है कि इंजीनियर को समय पर भुगतान होता रहेगा तो सीमा को बेहतर सुविधा मिलती रहेगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजनाएँ जुड़ी हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कैथोलिक कैथोलिक स्टेट स्टाफ़ कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष कर्मचारियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, ग्रीक और होम पैथी जेसी पद्धतियों की सेवा सेवाओं को भी योजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कोविड कालखंड में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर यथोचित समायोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रहे। साथ ही, हेल्थ एटीएम सेवाओं का विस्तार करते हुए उन्हें अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनजागरूकता, स्वच्छता और समयबद्ध उपचार व्यवस्था के माध्यम से बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर गर्भवती महिला तक समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 15.28 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। प्रदेश में 15.14 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड लिंक किए गए हैं। हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन सिस्टम और लैब इंफॉर्मेशन सिस्टम का दायरा भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि मेडिकल संस्थानों को रिसर्च आधारित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए। बैठक में बताया गया कि ‘UP-IMRAS’ डिजिटल पहल, मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट, क्लिनिकल ट्रायल यूनिट तथा मेडटेक कार्यक्रमों पर कार्य किया जा रहा है। चिकित्सा अनुसंधान और मेडटेक क्षेत्र में लगभग 1500 करोड़ रुपये निवेश के लिए इंटेंट फाइल किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में पूर्ण हों, ताकि आमजन को जल्द बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक में आगामी महीनों में प्रस्तावित महत्वपूर्ण लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इनमें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का बहुमंजिला गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज का 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का बीएससी नर्सिंग कॉलेज तथा कानपुर मेडिकल कॉलेज में मानसिक रोग विभाग विस्तार एवं डी-एडिक्शन वार्ड ब्लॉक शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। महाराजगंज, शामली और संभल में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि कई अन्य जनपदों में प्रक्रिया जारी है।

बैठक में बताया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा और एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की प्रतिक्रिया अवधि में लगातार सुधार हुआ है। वर्तमान में 375 एएलएस एम्बुलेंस संचालित हैं और अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के निर्देश देते हुए कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने एम्बुलेंस संचालकों का भुगतान समय से सुनिश्चित करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री ने निजीकरण में औषधियों की गुणवत्ता को लेकर निर्देश निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली मेडिकेशन सुविधा में कोई सुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी जगह पर नई व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 75 जिलों में डाय बस सेवा और 74 जिलों में सेनेटरी स्कैन सेवा उपलब्ध है। मार्च 2026 तक 35.69 लाख से अधिक डायसिस सत्र और 45.35 लाख से अधिक सीईटी स्कैन जा चुके हैं। 227 पर टेली-रेडियोलॉजी सेवा संचालित है।

बैठक में डाॅ. राम मनोहर आयुर्वेदिक आयुर्वेद संस्थान, नोएडा की जानकारी दी गयी। इस संस्थान में 376 से अधिक रोबोटिक सर्जरी और 250 से अधिक डॉक्टरी फिजियोलॉजी के प्रयोग किये जा चुके हैं। यहां प्रदेश का पहला गामा नाइफ सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। इसमें यह भी बताया गया है कि लघु उद्योग संस्थान के नए परिसर में 1010 बिस्तरों की क्षमता वाले इकोनोमिक के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। वहीं एसपीजेपीजी में 500 बेड एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर प्रोजेक्ट पर कार्य प्रगति पर है।

बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर मिशन, यूपी ट्रॉमा एवं एनर्जी नेटवर्क (यूपीटीईएन), प्रोजेक्ट सुश्रुत और केयर-अप मिशन की बिक्री पर भी प्रस्तुति दी गई। बताया गया कि यूपीटीईएन के अंतर्गत प्रदेश में आपातकालीन ट्रॉमा नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जबकि केयर-अप मिशन के तहत मेडिकल टीम और जिले में स्टूडेंट एवं एचडीयू सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने टी.बी.ए. संघ को जनआंदोलन बनाने पर जोर देते हुए संयुक्त, संयुक्त और स्वयंसेवी समूहों को जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश को भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 100वें दिव्य तिब्बती मुक्त भारत अभियान की मान्यता दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवाओं को सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले बेल्जियम के बेल्जियम में शामिल किया जाना चाहिए ताकि बेहतर चिकित्सक सरकारी से जुड़ें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, पार्टिकल और पार्टिकल थ्री के साथ उपयोगी उपकरण चाहिए, तभी आम लोगों का आत्मविश्वास और मजबूत होगा

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