
लखनऊ:- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वीवीआईपी क्षेत्र गोमतीनगर विस्तार स्थित खरगापुर में सरकारी और एलडीए की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग और फर्जी रजिस्ट्री का बड़ा मामला सामने आया है। लेखपाल की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आरोपितों ने जितनी जमीन खरीदी थी, उससे करीब पांच गुना ज्यादा जमीन की बिक्री कर दी। इस पूरे फर्जीवाड़े से सरकार को करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व नुकसान का अनुमान है।
जांच के अनुसार ग्राम खरगापुर की गाटा संख्या 234, 235, 249 और 250 में यह पूरा खेल किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 1993 में जो जमीन पहले ही “ममता सहकारी समिति” को बेची जा चुकी थी, उसी जमीन का दोबारा फर्जी बैनामा कराकर 100 से अधिक फर्जी विक्रय विलेख तैयार किए गए और लोगों को प्लॉट बेच दिए गए। शिकायतकर्ता विनय मिश्रा ने अब तक 63 संदिग्ध विक्रय विलेखों की प्रमाणित प्रतियां प्रशासन को सौंपी हैं।
लेखपाल की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भूमाफियाओं ने एलडीए की जमीन के साथ-साथ ग्राम समाज की बंजर भूमि और सार्वजनिक तालाब की सुरक्षित जमीन पर भी कब्जा कर अवैध प्लॉटिंग कर दी। इस मामले में मुख्य आरोपित वीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ वीके सिंह का नाम कथित तौर पर कुख्यात भूमाफिया नेटवर्क से भी जोड़ा जा रहा है।
गौरतलब है कि, पिछले महीने गोमतीनगर विस्तार में जिला प्रशासन और एलडीए ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक लाख वर्ग फीट सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाया था, जिसकी बाजार कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये बताई गई थी।
फिलहाल शासन के निर्देश पर गोमतीनगर पुलिस और तहसील प्रशासन पूरे मामले की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रहे हैं। लेखपाल ने सभी फर्जी बैनामों को शून्य घोषित कर मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश की है। वहीं एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने कहा है कि अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



