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राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न;विश्व की बदलती व्यवस्था – भारत की भूमिका –

 

✍️ नवीन तिवारी –

 

वाराणसी:– सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान विभाग एवं इण्डियन एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट (आईएजे) के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र में बुधवार को विश्व की बदलती व्यवस्था-भारत की भूमिका विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण,दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण से हुआ। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो.प्रेम नारायण सिंह (निदेशक,अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र) ने कविता के माध्यम से अपने विचार रखते हुए कहा कि तकनीकी विकास हुआ है और भौतिक विकास हुआ है। जहां 10 वर्षों से विकास हुआ है लेकिन देश में तनाव ज्यादा है। जहां 2030 में तनाव खतरनाक बीमारी होती जा रही है। 

उन्होंने कहा कि युद्ध लोगों के दिमाग में चलता है। तभी धरातल पर उतरता है।वही गांधी और बुद्ध ने जो अहिंसा का सिद्धांत दिया जिसके कारण देश में शास्त्र की पूजा हुई। परंतु शस्त्र भूल गए। जिसके कारण देश सामरिक दृष्टि से कमजोर हुआ बना । भारत शस्त्र और शास्त्र का देश है। हम शक्ति के उपासक रहे है। गांधी और बुद्ध को पढ़िए लेकिन उनके साथ साथ क्रांतिकारी देशभक्त को भी पढ़े जिन्होंने देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 

उन्होंने अपने उद्बोधन में विकसित राष्ट्र निर्माण के लिए अच्छे व्यक्तित्व के आदमी के विकास पर जोर दिया।उनका यह भी मानना था कि गुस्सा शक्तिशालीयो पर नहीं आता है वह हमेशा कमजोरो पर ही आता है। व्यवस्था कल की हो या आज की अच्छे आदमी का विकास करिए। क्योंकि गुस्सा कमजोर पर आता है, मजबूत पर नहीं। 

उन्होंने अपनी बातों को वीर रस के माध्यम से अपने विचार रखते हुए कहा कि विगत दस वर्षों में तकनीक विकास के साथ साथ देश में तीव्र भौतिक विकास हुआ है लेकिन देश उतने ही तेजी से मानसिक तनाव बढ़ा है। जो 2023 तक खतरनाक बिमारी का रुप ले लेगा।

वही विशिष्ट अतिथि डॉ. शरद कुमार श्रीवास्तव,अशोक कुमार पाण्डेय (कार्यक्रम प्रमुख आकाशवाणी), राजेश गौतम (पूर्व निदेशक आकाशवाणी) एवं प्रो. जितेंद्र कुमार , रामनरेश नरेश, राधा सिंह, अमन सिंह संयुक्त रूप से अपने विचारों को रखा। राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. रमेश प्रसाद संकाय अध्यक्ष श्रमण विद्या संकाय, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी)ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो.राजनाथ (सामाजिक विज्ञान विभाग) एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कैलाश सिंह विकास (राष्ट्रीय अध्यक्ष आईएजे)ने दिया। 

इस अवसर पर डॉ. जिनेश कुमार,चंद्रभान, डा अमित कुमार दुबे, मोतीलाल गुप्ता, मोहम्मद दाऊद, आशीर्वाद सिंह, इंजिनियर रामनरेश नरेश, डा विनय कुमार श्रीवास्तव, विक्रम कुमार, राजू वर्मा, विक्की वर्मा, अमित कुमार पाण्डेय, प्रकाश आचार्य, संजय कुमार पाण्डेय, तेजस कुमार सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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