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कंपोजिट विद्यालय कादीपुर, संकुल अमराखैराचक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने स्कूल चलो अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत एक भव्य जन-जागरण रैली का आयोजन किया —

आधी रोटी खायेगे
स्कूल जरूर जाएगे,
मम्मी–पापा हमें पढ़ाओ,
स्कूल में चलकर नाम लिखाओ…
एक भी बच्चा छूटा तो,
संकल्प हमारा टूट जाएगा…
एक, दो, तीन, चार—
शिक्षा है सबका अधिकार

गाज़ीपुर  :—  इन जोशीले और प्रेरणादायक नारों की गूंज से ग्राम सभा कादीपुर का समूचा परिवेश जीवंत हो उठा, जब कंपोजिट विद्यालय कादीपुर, संकुल अमराखैराचक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने स्कूल चलो अभियान के प्रथम चरण (1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026) के अंतर्गत एक भव्य जन-जागरण रैली का आयोजन किया।
विद्यालय की कुशल एवं दूरदर्शी प्रधानाध्यापक गुलाब के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में समस्त विद्यालय परिवार के सहयोग से सजी-धजी यह रैली मानो शिक्षा की अलख जगाने का एक सशक्त माध्यम बन गई। बच्चों के हाथों में थामे रंग-बिरंगे बैनर, तख्तियां और पोस्टर—जिन पर लिखे प्रेरक संदेश समाज को नई दिशा देने का आह्वान कर रहे थे, हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे।
रैली केवल नारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह जन-जन तक पहुंचने का एक सजीव प्रयास बन गई। मार्ग में पड़ने वाले प्रत्येक घर तक पहुंचकर उन बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का प्रयास किया गया, जो अब तक शिक्षा की मुख्यधारा से दूर थे। विद्यालय की समर्पित एवं कर्मठ अध्यापिकाओं ने अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने की आवश्यकता और महत्व से अवगत कराया।

   

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हंसराज विश्वकर्मा (विधान परिषद सदस्य एवं जिला अध्यक्ष भाजपा) ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में बताया कि वर्ष 2002 में 86वें संवैधानिक संशोधन के माध्यम से 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान किया गया है। यह केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने इस रैली को शिक्षा के दीप प्रज्वलित करने और जनमानस में जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सशक्त पहल बताया।
खंड शिक्षा अधिकारी स्कंद गुप्त ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए विभिन्न कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को सम्मानित किया, जिससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता की भावना और प्रबल हुई।
ए.आर.पी. डॉ. संजय गुप्ता ने भी बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि शिक्षा ही वह कुंजी है, जो जीवन के सभी द्वार खोलती है और व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है।
इस प्रकार विविध उद्देश्यों और आयामों से परिपूर्ण यह रैली अपने प्रारंभ से लेकर समापन तक पूर्णतः सफल रही।

समापन अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। अंत में नोडल शिक्षक सत्येंद्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर सभी का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय परिवार ने नव शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए नई ऊर्जा, नए संकल्प और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया—ताकि हर घर में शिक्षा का दीप जले और हर बच्चा उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो।

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