
नवीन तिवारी
वाराणसी: — पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के छात्रों ने पूरे भारत में आयोजित “भारतीय ज्ञान परंपरा” (आइकेएस) ओलंपियाड 2025 में अद्भुत सफलता हासिल करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय के साथ-साथ देश का भी गौरव हासिल किया है।
विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र से संबद्ध मेधावी छात्र निकोलस कुमार मिश्र, नंदिनी साहू एवं अमन पटेल ने भारतीय ज्ञान परंपरा विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) हासिल किया है। प्रतियोगिता में रिपब्लिक के प्रतिष्ठित फर्मों एवं फेस्टिवल्स के बीच सीक्वेल रेस में भाग लेना, जिसके बीच यह सफलता विशेष महत्वपूर्ण रचना है।
मूल प्रो. बिहारीलाल शर्मा ने इस उपलब्धि पर जोर देते हुए कहा कि, “भारतीय ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक आत्मा का आधार है। छात्रों की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि युवा पीढ़ी अपनी शुरुआत से लेकर विश्व स्तर पर उत्कृष्टता स्थापित कर रही है।”
भारतीय ज्ञान केन्द्र के समन्वयक प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रधान गवेषक डॉ. ज्ञानेन्द्र सापाकोटा, सह-गवेशक डॉ. विजय कुमार शर्मा एवं अनुसन्धान सहायक डाॅ. आशीष मणि त्रयी आचार्यों ने छात्रों को बधाई देते हुए इसे सतत मार्गदर्शन, अनुशासित अध्ययन एवं भारतीय परंपराओं की प्रति गहन निष्ठा का परिणाम बताया।
इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। नेटवर्क, शोधार्थियों एवं सहपाठियों ने छात्रों का अभिनंदन करते हुए उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की।
अंतत: यह उपलब्धि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार में विश्वविद्यालय की सक्रिय भूमिका निभाता है।



