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जरायम जगत में अदृश्य शूटर बनारसी यादव;गोली से शुरू हुआ सफर गोली से ही खत्म –

 

वाराणसी:-   पूर्वांचल के आपराधिक इतिहास में बनारसी यादव का नाम लंबे समय तक एक रहस्य बना रहा। सुपारी लेकर हत्याएं करने वाले इस शूटर को पुलिस नाम से तो जानती थी, लेकिन उसका चेहरा और तस्वीर किसी के पास नहीं थी। यही वजह रही कि कई घटनाओं को अंजाम देने के बाद भी बनारसी वर्षों तक कानून की पकड़ से दूर रहा।

सारनाथ में कॉलोनाइजर महेंद्र की हत्या के बाद जब बनारसी यादव का नाम सामने आया, तब पुलिस को उसकी मौजूदगी का ठोस सुराग मिला।

सूत्रों के अनुसार बनारसी यादव कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और न ही एक जगह टिककर रहता था। ठिकाने बदलते रहना और संपर्क के पारंपरिक तरीकों से दूरी बनाए रखना उसकी पहचान थी। सूत्रों के मुताबिक गाजीपुर जिले के करंडा का रहने वाला बनारसी पूर्वांचल के कई माफियाओं के इशारे पर सुपारी किलिंग को अंजाम दे चुका था।*एक लाख के इनामी बदमाश बनारसी यादव की कहानी पूर्वांचल के अपराध जगत की एक काली स्याही से लिखी गई दास्तान है।

गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट गांव का रहने वाला यह युवक शुरुआत में छोटे-मोटे विवादों और लूटपाट से जुड़ा था, लेकिन जल्द ही सुपारी किलर के रूप में उभरा। बनारसी यादव ने हत्या, लूट, जबरन वसूली जैसे संगीन अपराधों में हाथ आजमाया। वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत कई जिलों में उसके खिलाफ 24 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके थे। उसका नाम सुनते ही लोग कांप उठते थे, क्योंकि वह बिना झिझक गोली चलाने वाला शार्पशूटर बन चुका था।

उसके उदय का असली मोड़ तब आया जब वह सुपारी लेकर काम करने लगा। अपराध की दुनिया में पैसे के लिए जान लेना उसका पेशा बन गया। पुलिस ने उसे एक लाख रुपये का इनामी घोषित कर दिया था। लेकिन बनारसी फरार रहकर अपनी खौफनाक छवि को और मजबूत करता रहा। उसने कई हत्याओं में हाथ काला किया, लेकिन आखिरी वारदात ने उसकी किस्मत बदल दी।

 

21 अगस्त 2025 की सुबह वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र की अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में बाइक सवार तीन बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम को निशाना बनाया। महेंद्र गौतम एक सफल व्यवसायी थे, जिनका जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद लंबे समय से चल रहे थे। खबरों के मुताबिक, 50 करोड़ रुपये की जमीन विवाद में मुंबई से शूटर हायर किए गए थे, लेकिन मुख्य शूटर बनारसी यादव ही था। उसके साथी अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल थे। विशाल बाइक चला रहा था, जबकि बनारसी और अरविंद ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। महेंद्र गौतम मौके पर ही ढेर हो गए। यह हत्या सिर्फ एक कत्ल नहीं थी—यह सुपारी का क्लासिक केस था,जहां पांच लाख रुपये की सुपारी ली गई थी।

हत्या के बाद बनारसी यादव लगभग साढ़े पांच महीने तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। 

वाराणसी पुलिस और एसटीएफ ने उसकी तलाश में कई टीमें लगाईं। आखिरकार 3 फरवरी 2026 की देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर एसटीएफ की टीम ने उसे घेर लिया।

 बनारसी ने सरेंडर नहीं किया, उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोलियां लगीं। घायल हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए।

महेंद्र गौतम की हत्या ही बनारसी यादव के ताबूत में अंतिम कील साबित हुई। यह हत्याकांड उसके अपराधी जीवन का चरम था, जिसने पुलिस को उसकी तलाश में और तेज कर दिया। 

बनारसी का अंत एक मुठभेड़ में हुआ, जैसा अक्सर ऐसे बदमाशों का होता है— गोली से शुरू हुआ सफर गोली से ही खत्म। पूर्वांचल में अपराध की दुनिया को यह संदेश दे गया कि सुपारी लेकर खून बहाने वाले की गोली आखिरकार खुद पर ही लौट आती है। 

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बनारसी यादव का शव पं.दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय से पोस्टमार्टम हेतु ले जाने की तैयारी।

बनारसी यादव की कहानी अपराध के अंधेरे रास्ते पर चलने वालों के लिए एक चेतावनी है—उदय जितना तेज होता है अंत उतना ही भयानक होता है। 

थाना सारनाथ, वाराणसी मे कालनाइजर महेन्द्र गौतम की हत्या करने वाला सुपारी किलर व रू0 1,00,000/- का पुरस्कार घोषित कुख्यात अपराधी बनारसी यादव एसटीएफ के साथ हुई साहसिक मुठभेड में घायल, इलाज के दौरान मृत घोषित ।

दिनांक: 03-02-2026 की रात्रि मे जनपद वाराणसी, उ०प्र० के थाना चौबेपुर क्षेत्र में एस०टी०एफ० उ०प्र० टीम की कार्यवाही के दौरान हुई एक साहसिक मुठभेड़ में थाना सारनाथ, वाराणसी में कालनाइजर महेन्द्र गौतम की हत्या करने वाला सुपारी किलर व रू0 1,00,000/-का पुरस्कार घोषित गैंग सरगना व जनपद गाजीपुर का हिस्ट्रीशीटर बनारसी यादव घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी।

अभियुक्त का विवरणः

बनारसी यादव पुत्र राजनाथ यादव उर्फ झोटा यादव निवासी गौरहट, थाना खानपुर, जनपद गाजीपुर।

अभियुक्त से बरामदगीः

1-01 अदद पिस्टल (30बोर)

2-01 अदद पिस्टल (32बोर)

3-07 अदद जिन्दा कारतूस

4-06 अदद खोखा कारतूस

घटनास्थल का दिनांक समय / स्थान :-

दिनांक 03-02-2026 समय 23.15 बजे रात्रि, रिंग रोड शिवो अण्डरपास के पास, थाना चौबेपुर, कमिश्नरेट वाराणसी ।।

एस०टी०एफ०, उत्तर प्रदेश को विगत काफी दिनों से फरार / पुरस्कार घोषित अपराधियों के सक्रिय होकर अपराध करने एवं अन्य अपराधों में लिप्त होने की सूचनायें प्राप्त हो रहीं थीं। इस सम्बन्ध में एस०टी०एफ० की विभिन्न इकाईयो/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके अनुक्रम में निरीक्षक श्री अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एस०टी०एफ० फील्ड इकाई वाराणसी की टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।

एस०टी०एफ० उ०प्र० को अभिसूचना संकलन के माध्यम से ज्ञात हुआ कि रू0 1,00,000/-का पुरस्कार घोषित कुख्यात गैंग सरगना बनारसी यादव पुत्र राजनाथ यादव उर्फ झोटा यादव निवासी गौरहट, थाना खानपुर जनपद गाजीपुर, जिसके ऊपर लगभग दो दर्जन अभियोग पंजीकृत हैं तथा वर्ष 2025 में कमिश्नरेट वाराणसी के थाना सारनाथ क्षेत्रान्तर्गत कॉलोनाइजर महेन्द्र गौतम की हत्या कर सनसनी फैला दी गयी थी, जिसके सम्बन्ध में इसके विरूद्ध थाना सारनाथ, कमिश्नरेट वाराणसी में मु0अ0सं0 389/2025 धारा 103 (1)/3(5)/61 (2)/238 बी०एन०एस० व 3(2)5 एस०सी०/एस०टी० एक्ट का पंजीकृत हुआ। इसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा रू0 1,00,000/- का पुरस्कार घोषित किया गया है। यह कुख्यात अपराधी बलुआ (चन्दौली) की तरफ से शिवो अण्डरपास होते हुये अपने एक साथी के साथ किसी
घटना को अंजाम देने के लिये वाराणसी की तरफ भारी फायर आर्म्स के साथ जाने वाला है। उक्त सूचना पर निरीक्षक अनिल कुमार सिंह एवं निरीक्षक अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में एस०टी०एफ० फील्ड इकाई, वाराणसी टीम द्वारा वाराणसी के थाना चौबेपुर क्षेत्रान्तर्गत रिंग रोड शिवो अण्डरपास के पास अपने सरकारी वाहन को एक तरफ साइड में लगाकर घेराबन्दी की गयी थी। कुछ समय पश्चात् एक मोटर साइकिल पर सवार 02 व्यक्ति आते हुए दिखाई दिये, जिनका पीछा करते हुये उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे व्यक्ति ने एकाएक एस०टी०एफ० टीम पर जान मारने की नीयत से फायर कर दिया तथा मोटरसाकिल के लडखड़ाने पर पीडे बैठा व्यक्ति नीचे उतर कर पुनः फायर करने लगा। उसका साथी अन्धेरे का लाभ उठाकर मौके से मोटरसाइकिल से फरार हो गया। एस०टी०एफ० टीम द्वारा उक्त व्यक्ति को आत्मसमर्पण के लिये कहा गया, परन्तु वह अपना पोजिशन बदलते हुये जान मारने की नीयत से फायर करता रहा। इस अपराधी की फायरिंग से एस०टी०एफ० टीम के सदस्यगण बाल-बाल बचे। तत्पश्चात एसटीएफ टीम द्वारा साहस, संयम एवं व्यवसायिक दक्षता का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ संतुलित एवं नियंत्रित फायरिंग की गई, जिसमें उस बदमाश को गोली लगी और घायल हो गया।

घायल बदमाश की पहचान बनारसी यादव पुत्र राजनाथ यादव उर्फ झोटा यादव नि गौरहट, थाना खानपुर, जनपद गाजीपुर के रूप में हुई। घायल बदमाश को मानवीय दृष्षि अपनाते हुए तत्काल उपचार हेतु पं० दीन दयाल अस्पताल वाराणसी ले जाया गया, जहाँ बनार… यादव की उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी। मौके से भागे बदमाश की काफी तलाश की गयी, परन्तु अन्धेरे का लाभ उठाते हुये भागने में सफल हो गया, जिसकी गिरफ्तार के प्रयास जारी हैं।

2 – मुठभेड के दौरान एस०टी०एफ० टीम द्वारा अदम्य साहस व शौर्य का प्रदर्शन किया गया तथा विभिन्न मा० न्यायालयों तथा मा० मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया गया।

मृतक बदमाश बनारसी यादव की आपराधिक गतिविधियों के सम्बन्ध में जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि यह अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या, रंगदारी मांगने व भाडे पर हत्या करने जैसी कई सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम दे चुका है। प्रमुख घटनाओं का विवरण निम्नवत है:-

1-वर्ष 2002 में बनारसी यादव ने अपने भाई के साथ मिलकर अपने पट्टीदार संतोष यादव को अन्धाधुन्ध फायरिंग करते हुये लगभग 15 गोली मारकर जघन्य तरीके से हत्या कर दी थी, जिसके सम्बन्ध में मु0अ0सं0 478/2002 धारा 302/201 आई०पी०सी० थाना खानपुर जनपद गाजीपुर पर पंजीकृत हुआ था।

2-वर्ष 2005 में बनारसी यादव ने अपने साथी सुनील यादव के साथ मिलकर जनपद वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्रान्तर्गत टायर एजेन्सी के मैनेजर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस सम्बन्ध में मु0अ0सं0 463/2005 धारा 302/120बी आई०पी०सी० थाना चोलापुर जनपद वाराणसी पर पंजीकृत हुआ था।

3-वर्ष 2006 में इसके द्वारा जनपद वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्रान्तर्गत भैयालाल यादव की सनसनीखेज तरीके से गोली मारकर हत्या कर क्षेत्र में दहशत फैला दी गयी थी। इस संबंध में मु0अ0सं0 208/2006 धारा 302 आई०पी०सी० थाना चोलापुर जनपद वाराणसी पर पंजीकृत हुआ था।

4-वर्ष 2010 में बनारसी यादव ने जमीन के कारोबारी कमलदेव यादव की दुस्साहसिक तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस संबंध में मु0अ0सं0 770/2010 धारा
302/404/411/506/120बी आई०पी०सी० थाना खानपुर जनपद गाजीपुर पर पंजीकृत हुआ है।

5-वर्ष 2015 में बनारसी यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर जनपद गाजीपुर के देवकली ब्लॉक के पास ही दिन दहाडे कारबाईन से अन्धाधुन्ध फायरिंग करते हुये 02 लोगों की हत्या कर सनसनी फैला दी गयी थी। इस फायरिंग में 01 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल भी हुआ था। इस संबंध में मु0अ0सं0 54/2015 धारा 302/120बी आई०पी०सी० थाना नन्दगंज, जनपद गाजीपुर पंजीकृत हुआ था। इस घटना के बाद बनारसी यादव फरार हो गया था। इस अभियोग में जनपद गाजीपुर पुलिस द्वारा बनारसी यादव पर रू० 50,000/- का पुरस्कार घोषित किया था, जिसमें एस०टी०एफ० वाराणसी की टीम द्वारा बनारसी यादव को दिनांक 06-06-2022 को वलसाड (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया था।

6-वर्ष 2025 में कमिश्नरेट वाराणसी के चर्चित कॉलोनाइजर महेन्द्र गौतम की दिनांक 21-08-2025 को थाना सारनाथ क्षेत्रान्तर्गत अपने साथियों के साथ मिलकर गोली मार कर हत्या कर व्यवसासियों में दहशत पैदा कर दिया था। इस संबंध में मु०अ०सं० 389/2025 धारा 103(1)/3(5)/61(2)/238 बी०एन०एस० व 3 (2) 5 एस०सी०/एस०टी० एक्ट पंजीकृत हुआ था। इस घटना के बाद से बनारसी यादव फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस आयुक्त, पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा अपने पत्र संख्याः डीसीआरबी-पु०घो०अप०-सारनाथ / 2025, दि० 01-11-2025 द्वारा रू0 1,00,000/- का पुरस्कार घोषित किया गया था।

बनारसी यादव पुत्र रामनाथ यादव उर्फ झोटा निवासी उपरोक्त का ज्ञात आपराधिक इतिहास-

क्र०सं०

मु०अ०सं०

धारा

थाना

जनपद

01 478/2002

302/201 आई०पी०सी०

खानपुर

गाजीपुर

02

522/2002

506 आई०पी०सी०

खानपुर

गाजीपुर

03

534/2002

3(1) उ०प्र० गैंगेस्टर एक्ट

खानपुर

गाजीपुर

04

711/2003

380 आई०पी०सी०

खानपुर

गाजीपुर

05

63/2005

302/120बी आई०पी०सी०

चोलापुर

वाराणसी

06

208/2006

302 आई०पी०सी०

चोलापुर

वाराणसी

07

246/2006

3/25 आर्म्स एक्ट

चोलापुर

वाराणसी

08

237/2006

3(1) उ०प्र० गैंगेस्टर एक्ट

चोलापुर

वाराणसी

09

654/2006

147/148/149/307/504/506/120बी आई०पी०सी०

चोलापुर

वाराणसी

10

199/2007

3(1) उ०प्र० गैंगेस्टर एक्ट

चोलापुर

वाराण

11

304/2009

110जी0 द०प्र०सं०

खानपुर

गाजी’ 3

12

318/2010

307 आई०पी०सी०

खानपुर

गाजीपुर

13

770/2010

302/404/411/506/120बी आई०पी०सी०

खानपुर

गाजीपुर

14

818/2010

110जी0 द०प्र०सं०

खानपुर

गाजीपुर

15

384/2010

307 आई०पी०सी०

घोरावल

सोनभद्र

16

386/2010

3/25 आर्म्स एक्ट

घोरावल

सोनभद्रं

17

287/2011

3/4 गुण्डा एक्ट

खानपुर

गाजीपुर
14

818/2010

110जी0 द०प्र०सं०

खानपुर

गाजीपुर

15

384/2010

307 आई०पी०सी०

घोरावल

सोनभद्र

16

386/2010

3/25 आर्म्स एक्ट

घोरावल

सोनभद्रं

17

287/2011

3/4 गुण्डा एक्ट

खानपुर

गाजीपुर

18

54/2025

302/120बी आई०पी०सी०

नन्दगंज

गाजीपुर

19

407/2015

3(1) उ०प्र० गैंगेस्टर एक्ट

नन्दगंज

गाजीपुर

20

414/2015

173 द०प्र०सं०

चौबेपुर

वाराणसी

21

457/2016

174ए आई०पी०सी०

चौबेपुर

वाराणसी

22

389/2025

103(1)/3(5)/61(2)/238 बी०एन०एस० व

सारनाथ

वाराणसी

3(2)5 एस०सी०/एस०टी० एक्ट

इस अभियोग में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा रू0 1,00,000/- का पुरस्कार घोषित किया गया।

उपरोक्त मुठभेड़ के सम्बन्ध में थाना चौबेपुर जनपद वाराणसी पर मु0अ0सं0 70/2026 धारा 109 (1) बी0एन0एस0 व 3/25/27 आर्म्स एक्ट का अभियोग पंजीकृत कराया गया है। अग्रिम वैधानिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

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