
लखनऊ :- आज प्रातः 10:00 बजे डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ में आज एक नई अत्याधुनिक कार्डियक कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला (कैथ लैब) का माननीय उप मुख्यमंत्री एवं कैबिनेट मंत्री, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण, उ०प्र० सरकार, ब्रजेश पाठक जी द्वारा किया गया।

उद्घाटन के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि, उत्तर प्रदेश सरकार सार्वजनिक क्षेत्र में उन्नत हृदय रोग उपचार सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कार्डियोलॉजी विभाग को आवश्यकता अनुसार सभी आधुनिक उपकरण एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसी भी मरीज को जीवनरक्षक हृदय उपचार के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े।
नवीन रूप से उद्घाटित यह कैथ लैब अत्याधुनिक इमेजिंग एवं इंटरवेंशनल तकनीकों से सुसज्जित है, जिससे हृदय रोग संबंधी प्रक्रियाओं की प्रतीक्षा अवधि में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा कार्डियोलॉजी विभाग की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष एक और नई कैथ लैब, दो ट्रेडमिल टेस्ट (TMT) मशीनें, तीन उन्नत इकोकार्डियोग्राफी मशीनें तथा एक IVUS सिस्टम की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे आरएमएलआईएमएस अत्याधुनिक सुविधाओं से पूर्णतः सुसज्जित होगा।
उन्होंने आरएमएलआईएमएस में संचालित STEMI कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे हार्ट अटैक मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल रहा है।
इस अवसर पर डॉ. सी. एम. सिंह (निदेशक), डॉ. भुवन चंद्र तिवारी (विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी), डॉ. विक्रम सिंह (CMS), डॉ. अरविंद (MS), डॉ. सुब्रत चंद्र (कार्यकारी रजिस्ट्रार), कार्डियोलॉजी संकाय, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियन एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्डियोलॉजी विभाग में रोगियों की संख्या एवं उपचार में उल्लेखनीय वृद्धि : –
पिछले एक वर्ष के दौरान डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस), लखनऊ के कार्डियोलॉजी विभाग में रोगियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो संस्थान पर आम जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। इस अवधि में कार्डियोलॉजी बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में कुल 57,132 रोगियों की जाँच की गई, जबकि 6,392 रोगियों को भर्ती कर उन्नत हृदय उपचार प्रदान किया गया।
इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सेवाओं के अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष भर में 4,748 कोरोनरी एंजियोग्राफी, 3,022 एंजियोप्लास्टी तथा 277 पेसमेकर प्रत्यारोपण किए गए। ये आँकड़े यह दर्शाते हैं कि आरएमएलआईएमएस प्रदेश के एक प्रमुख तृतीयक स्तर के हृदय उपचार केंद्र के रूप में निरंतर सशक्त हो रहा है, जहाँ जटिल हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों को समय पर एवं अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।



