वाराणसीपूर्वांचल
Trending

2026 के नए साल में गंगा किनारे के कमरे, होटल और रेस्टोरेंट से 100 करोड़ के कारोबार का अनुमान

 

वाराणसी :- शहर में नए साल का जश्न शानदार होने वाला है। कल 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए शहर के सभी छोटे और बड़े होटलों के कमरे बुक हो चुके हैं। छोटे लॉज में भी जगह नहीं मिल रही है। होटलों और रेस्टोरेंट्स में 31 की रात डांस पार्टी और कई कार्यक्रम होने हैं, जिसके कारण अधिकतर लोगों ने होटलों में एक महीने पहले से ही बुकिंग करा रखी है। वाराणसी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल शर्मा के मुताबिक, नए साल पर होटल और रेस्टोरेंट से 100 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान है।

स्थिति यह है कि ऑनलाइन बुकिंग साइट्स कई बार क्रैश हो जा रही हैं। इसे देखते हुए कई लॉज और होटलों ने अपने कमरों के रेट दोगुने तक बढ़ा दिए हैं। कई होटलों के बाहर *हाउसफुल* का बोर्ड लटका हुआ है। आम दिनों में 1000 रुपये में मिलने वाले कमरे अब 2200 रुपये में मिल रहे हैं। जश्न के माहौल को देखते हुए होटल ग्राहकों को कई तरह के पैकेज भी दे रहे हैं।

 

जश्न में डूबेगी काशी –

गंगा किनारे स्थित हेरिटेज होटलों और “रिवर व्यू” कमरों की स्थिति और भी चौंकाने वाली है। ऑनलाइन साइट्स के मुताबिक, घाटों के किनारे स्थित कुछ चुनिंदा होटलों में एक रात की बुकिंग का किराया 1 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जो सामान्य दिनों में 60 से 70 हजार रुपये के बीच रहता था। इसी तरह कैंट और नदेसर स्थित लग्जरी होटलों में भी कमरे 70 से 80 हजार रुपये प्रति रात की दर से बुक हो रहे हैं। यहां सामान्य दिनों में कमरे 40 से 50 हजार रुपये में मिल जाते थे।

इवेंट प्लानर अर्पित सिंह बताते हैं कि नए साल की पूर्व संध्या (31 दिसंबर) को खास बनाने के लिए होटलों और रेस्टोरेंट्स ने विशेष तैयारियां की हैं। कई स्थानों पर डीजे नाइट्स, लाइव म्यूजिक, पारंपरिक लोक नृत्य और लजीज व्यंजनों के विशेष बुफे रखे गए हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए होटलों ने “स्टे एंड डाइन” जैसे कई आकर्षक कॉम्बो पैकेज भी पेश किए हैं। अधिकांश रेस्टोरेंट्स में डिनर टेबल पहले से ही रिजर्व हो चुकी हैं।

 

केवल होटल ही नहीं, हर सेक्टर में छाई “चांदी –

काशी में नए साल के जश्न का लाभ केवल होटल मालिकों तक सीमित नहीं है। दो दिनों के इस उत्सव में स्थानीय स्ट्रीट फूड वेंडर्स, ई-रिक्शा चालकों, नाव संचालकों और हस्तशिल्प व्यापारियों का कारोबार भी चमक उठा है। घाटों पर सुबह की आरती से लेकर रात के जश्न तक, हर जगह पर्यटकों की मौजूदगी ने व्यापार को गति दी है। शहर में वर्तमान में प्रतिदिन 3 लाख से अधिक पर्यटक आ रहे हैं। मंदिरों से लेकर घाटों और पर्यटन स्थलों पर चहल-पहल बढ़ गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

You cannot copy content of this page