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युवाओं की क्षमता को पहचानकर उन्हें सही दिशा देना अनिवार्य –

 

लखनऊ:- अंतर-जनपदीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का दूसरा दिन उत्साह, ऊर्जा और युवा जोश से भरपूर रहा। दुसरे दिन भाषण प्रतियोगिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । अलीगढ़ जनपदों से आए प्रतिभागियों ने अपने विचारों, प्रतिभा और वक्तृत्व कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने अपने प्रभावशाली भाषणों के माध्यम से सभी का ध्यान आकर्षित किया और प्रतियोगिता में नई ऊर्जा का संचार किया।

प्रतियोगिता का विषय “विकसित युवा फार विकसित भारत” रखा गया था, जिसके अंतर्गत युवाओं ने राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका, कौशल विकास, उद्यमिता, डिजिटल भारत, शिक्षा, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा समावेशी विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे। प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि यदि भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में लाना है, तो युवाओं की क्षमता को पहचानकर उन्हें सही दिशा देना अनिवार्य है।

कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में दुर्गेश त्रिपाठी, लवकुश और विवेक उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के भाषणों का गहराई से मूल्यांकन करते हुए कहा कि युवाओं की सोच में आज न सिर्फ जागरूकता है, बल्कि देश को बदलने का संकल्प भी स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ऐसी प्रतियोगिताएँ युवाओं की अभिव्यक्ति क्षमता को निखारने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल का विकास करती हैं।

आयोजकों ने बताया कि अंतर-जनपदीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न जनपदों के युवाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जिससे वे एक-दूसरे की संस्कृति, अनुभव और ज्ञान से परिचित हो सकें। यह कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आने वाले दिनों में कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, संगोष्ठियाँ और समूह चर्चाएँ जैसी कई अन्य गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें युवाओं की सक्रिय एवं प्रेरणादायक सहभागिता की अपेक्षा है।

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