
लखनऊ:- विश्व एड्स दिवस बीते दिन 1 दिसंबर के अवसर पर डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा एक जन जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम नगरीय स्वास्थय एवं प्रशिक्षण केन्द्र उजरियांव में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक एवं संस्थान में विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा परिचर्चा कर लोगों को एड्स से बचाव के प्रति जागरुक किया गया।

कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष, डा0 एस.डी.काण्डपाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के परिणामस्वरूप पूरे भारत में एड्स ग्रसित लोगों की संख्या 2010 की तुलना में वर्तमान में काफी कम हो गयी है। भारत में एडसग्रसित व्यक्तियों की संख्या (Prevalence) लगभग 0.2 प्रतिशत है जबकि उत्तर प्रदेश में यह 0.1 प्रतिशत हैं। उन्होने यह भी बताया कि विश्व एड्स दिवस 2025 की थीम है-
श्विघ्नों पर काबू पाना एवं एड्स प्रतिक्रिया में परिवर्तन करना ।
निदेशक डा0 रा0 म0 लो0 आ0 सं0, प्रो. (डा0) सी. एम. सिंह ने एड्स के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जागरूकता द्वारा ही एडस से बचाव संभव है। डा0 रा0 म0 लो0 आ0 सं0 का कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग घर घर जाकर जागरूकता के कार्यक्रमों द्वारा आमजनता को एच0आई0वी0 /एडस के प्रति जागरूक कर रहा है।
संस्थान के एम.बी.बी.एस बैच – 2023 के छात्रों ने एक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को बताया कि एच0आई0वी0 चार तरीकों से एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ्य व्यक्ति में फैल सकता हैं – असुरक्षित यौन संबंध से, एच0आई0वी0 संक्रमित खून को दूसरे व्यक्ति में चढ़ाने से, साझा की गयी संक्रमित सुइयों से एवं संक्रमित मां से उसके गर्भस्थ शिशु में।
उन्होने यह भी दर्शाया कि बीमारी का भान होने पर तुरन्त यदि एच0आई0वी0/एड्स की जांच निकटतम सरकारी अस्पताल मे करा ली जाये एवं ए0आर0टी0 सेन्टर से दवाओं का सेवन शुरू किया जाये, तो संक्रमित मरीज भी स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकता है। एच0 आई0 वी0 से संबंधित जांचे एवं दवायें ए0आर0टी0 सेन्टर पर निशुल्क उपलब्ध है।
कार्यक्रम का संचालन डा0 पीयूष कारीवाला, एडिशनल प्रोफेसर, कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा व धन्यवाद ज्ञापन डा0 रश्मि कुमारी, एडिशनल प्रोफेसर, कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में उजरियांव स्लम बस्ती के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में, कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के संकाय सदस्यों, सीनियर रेज़ीडेण्ट, जूनियर रेज़ीडेण्ट, एम0बी0बी0एस छात्रों एवं Interns , सोशल वर्कर एवं स्टाफ का विशेष योगदान रहा है।
मीडिया -पी0आर0 सेल



