
लखनऊ:- संविधान की शपथ और नए यूपी के निर्माण के संकल्प के साथ अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की राज्य कार्यकारिणी बैठक में सम्पन्न।
अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की राज्य कार्यकारिणी की बैठक आज लखनऊ में लालकुआं स्थित अपने कार्यालय में सम्पन्न हुई। संविधान दिवस के दिन आयोजित कार्यकारिणी बैठक का प्रारंभ संविधान की शपथ के साथ किया गया। राज्य स्तरीय बैठक में विभिन्न जिलों से 15 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए ऐप वा की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी ने कहा की योगी राज में उत्तर प्रदेश संकट के दौर से गुजर रहा है।
मुख्यमंत्री संविधान की जगह बुलडोजर से प्रदेश को चलाना चाह रहे है उनका यह नफरती बुलडोजर कानून को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर गरीबों को उनकी जमीनों से उजाड़ कर बड़े पूंजीपतियों के हित में काम कर रहा है जिसे हम महिलाएं बर्दाश्त नहीं करेंगी और इस अलोकतांत्रिक प्रक्रिया का हर संभव विरोध करेगी।
प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने कहा की यूपी में महिलाएं सुरक्षित नहीं है, बलात्कार का प्रदेश बनता जा रहा हे।
खुद सरकारी आंकड़े इसकी गवाही दे रहे है कि महिला अपराध में उत्तर प्रदेश शर्मनाक ढंग से पहले पायदान पर हैं। प्रदेश में न्याय दूर की कौड़ी बनाता जा रहा है।
कुसुम वर्मा ने कहा की भाजपा राज में आज जिनके ऊपर बलात्कार का आरोप कानूनी तौर पर सिद्ध हो चुका है वह जेल से रिहा कर दिए जा रहे हैं आईआईटी बीएचयू के बलात्कारियों से लेकर रामरहीम आसाराम जैसे संतो को पैरोल पर रिहा किया जा रहा है यह सरकार और भारतीय न्याय व्यवस्था के महिला विरोधी चेहरे को उजागर करती है जिसके लिए बलात्कार क्या कोई अपराध नहीं है?
बैठक को सम्बोधित करते हुए कुसुम ने कहा की महिलाएं अपने सम्मान और न्याय के इस लड़ाई में समाज के विभिन्न वर्गों को साथ आना होगा ताकि महिला विरोधी पितृसत्तात्मक समाज को ध्वस्त करने और नए समाज के निर्माण की लड़ाई को ऐप वा तेज करेगी।
बैठक में एपवा ने मोदी सरकार द्वारा मजदूर विरोधी चार श्रम कोड का विरोध कर हुए आज ट्रेड यूनियनों के देशव्यापी विरोध का समर्थन किया है।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष आरती राय, ट्रेड यूनियन लीडर कमला गौतम , प्रदेश लीडर माला, सरोजिनी बिष्ट, तरा मुन्नी गोंड ल, सरोजिनी, चंद्रावती, कबूतरा, चंद्रावती, कमलेश आदि राज्य प्रतिनिधि शामिल रहे।



