

लखनऊ:- आज शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लखनऊ महानगर के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट संख्या एक से परिवर्तनचौक तक मशाल जुलूस निकाल कर प्रदेश सरकार द्वारा राम स्वरूप मेमोरियल विश्विद्यालय एवं पुलिस प्रशासन पर उचित कार्यवाही न करने के विरोध में प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में अभाविप के छात्र एवं छात्राएं शामिल रही।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने कहा कि लाठीचार्ज प्रकरण में संलिप्त पुलिसकर्मियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के निजी गुंडों पर कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ, यह तथ्य शीघ्र सार्वजनिक किया जाए।
बिना नवीनीकरण व अनुमति के अवैध रूप से संचालित विधि पाठ्यक्रम की संपूर्ण तथ्यात्मक जांच कराई जाए। जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई कर विश्वविद्यालय को बंद किया जाए।
राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य शीतल सिंह ने कहा कि हमारी कार्यकर्ता बहनों को पुलिस वालों आतंकियों की तरह पीटा है,लगभग आधार दर्जन से ज्यादा छात्राएं गंभीर रूप से घायल हैं कुछ बहनों को तो इतना संवेदनहीन होकर पीता है जैसे किसी अपराधी को मारते हों । कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों पर बर्बर लाठीचार्ज अत्यंत निंदनीय एवं अमानवीय है। मानक विहीन और बिना नवीनीकरण के चल रहा विधि पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खुला अन्याय है। बुधवार को ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा विश्वविद्यालय को सशर्त (प्रोविजनल) अनुमति दी गई है, जो यह सिद्ध करता है कि अब तक यह पाठ्यक्रम अवैध रूप से संचालित था। आज केवल लखनऊ ही नहीं बल्कि प्रदेश के सभी जिला केंद्रों पर आंदोलन हो रहे हैं।
अभाविप के अवध प्रांत मंत्री पुष्पेंद्र बाजपेई ने बताया कि
उच्च शिक्षा परिषद के सचिव द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर शीघ्र कार्यवाही प्रारंभ की जाए।
विश्वविद्यालय द्वारा लगभग 6 बीघे सरकारी भूमि (नाली, तालाब, बंजर व चकमार्ग) पर किए गए अवैध कब्जे पर तहसीलदार न्यायालय द्वारा ₹27.96 लाख का जुर्माना लगाते हुए 25 अगस्त 2025 को कब्जा हटाने का आदेश दिया गया है। अवैध निर्माण को तत्काल हटाया जाए और आदेश का अनुपालन कराया जाए।
कहा कि “रामस्वरूप विश्वविद्यालय में विधि विद्यार्थियों के न्याय हेतु संघर्षरत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रायोजित तरीके से पीटा गया है जिसको अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बर्दास्त नहीं करेगी।



