
लखनऊ:- संगठन के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय नें आज बताया कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा अपने स्वयं के आदेश का उलंघन कर मनमानी तरीके से 15000 बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों कि छटनी करने,55 वर्ष का हवाला देकर हजारों कर्मचारियों को कार्य से हटाने, दिनांक 18-9-2025 के आदेश का पालन करते हुए कार्य के अनुरूप अनुबंध न करने, वेतन रुपया 18000 निर्धारित न करने, मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस न लेने, दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश न लगाने, घायल कर्मचारियों का कैशलेस इलाज न कराने एवं घायल कर्मचारियों द्वारा उपचार में व्यय की गई धनराशि को संविदाकारों के बिल से काटकर भुगतान न करने, जांच अधिकारियों द्वारा दिए गए जांच रिपोर्ट के आधार पर भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही न करने, क्षेत्रीय कार्यालयों में बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापित न करने, मनमानी तरीके से वेतन में कटौती करने, वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों का उत्पीड़न करने,बार बार समझौता करने के बावजूद भी समझौते का पालन न करने एवं स्मार्ट मीटर लगने की स्थिति में कर्मचारियों को कार्य से हटाने आदि समस्याओं के समाधान हेतु संगठन द्वारा विगत काफी समय से किए जा रहे प्रयास के बावजूद भी समस्याओं का समाधान न करने के कारण संगठन द्वारा आज उर्जा मंत्री से उनके लखनऊ स्थित आवास पर उनके जनता दरबार में मिलकर आउटसोर्स कर्मचारियों कि समस्याओं से अवगत कराने का निर्णय लिया गया था।
किन्तु कर्मचारियों के पहुंचने से पहले ही उर्जा मंत्री लखनऊ से बाहर चले गए तथा पुलिस प्रशासन द्वारा गौतम पल्ली से प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खालिद व प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर ईको गार्डेन और बाद में आउटसोर्स कर्मचारियों को बसों के माध्यम से इको गार्डन भेज दिया गया।
देवेन्द्र पाण्डेय नें बताया कि पुलिस के अनुसार उर्जा मंत्री द्वारा 14 जनवरी को संगठन पदाधिकारियों से बात किया जाएगा।



