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विश्व फोटोग्राफी दिवस पर CAPS की छठी अखिल भारतीय छायाचित्र प्रदर्शनी का आगाज, 80 प्रतिभागियों की 155 तस्वीरें बनीं आकर्षण का केंद्र –

 

अमित चंद्रा — 

लखनऊ : – कॉलेज ऑफ आर्ट्स फोटोग्राफिक सोसाइटी (CAPS) द्वारा आयोजित छठी अखिल भारतीय छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन आज 19 अगस्त, विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर फाइन आर्ट हॉल में हुआ।

प्रदर्शनी 18 से 20 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है और प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक दर्शकों के लिए खुली है। प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है।


प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। इस अवसर पर विधायक डॉ. नीरज बोरा तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि ने प्रदर्शित छायाचित्रों की सराहना करते हुए कहा कि, तस्वीरें समाज का आईना होती हैं। फोटोग्राफी के १९वी सदी में विकास के बाद की दो शताब्दियों की इस यात्रा में फोटोग्राफी केवल तकनीक ही नहीं रही बलि समय समाज संस्कृति और मानवीय संवेदनाओ को दर्ज करने की महत्यपूर्ण भाषा बन गई है.

वे केवल किसी क्षण को दर्ज नहीं करतीं, बल्कि अपने समय, समाज और जीवन की कहानी भी कहती हैं। मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट नीरज बोरा ने 1957 में स्थापित CAPS इतने सालों से सराहनीय कार्य कर रही है. वाईस चांसलर प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी ने कहा की आज कैमरा मोबाइल तक पहुंच गया है और तस्वीर बनाना आसान हुआ है. लेकिन अच्छी तस्वीर के लिए तकनीक से ज़्यादा ज़रूरी है दृस्टि, संवेदना और रचनात्मकता।

प्रिंसिपल रतन कुमार ने अतिथियों का धन्यवाद् ज्ञापित करते हुए इनॉग्रेशन कमिटी से जुड़े छात्रों व शिक्षकों के प्रयास को भी सराहा।
इस वर्ष प्रदर्शनी में देशभर के 80 प्रतिभागियों के 155 चयनित छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें 43 श्वेत-श्याम तथा शेष रंगीन छायाचित्र हैं। प्रतिभागियों में महाविद्यालय के छात्र, शिक्षक एवं पूर्व छात्र तथा देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े छायाकार और छायाचित्र प्रेमी शामिल हैं। प्रदर्शनी में कॉलेज से जुड़े प्रख्यात कलाकार एवं शिक्षाविद् प्रो. जय कृष्ण अग्रवाल एवं प्रो. पी.सी. लिटल के छायाचित्र भी प्रदर्शित हैं।
इस वर्ष की प्रदर्शनी प्रख्यात छायाकार रघु राय की स्मृति को समर्पित की गई है। प्रदर्शनी का उद्देश्य फोटोग्राफी को केवल दस्तावेजी माध्यम के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उसकी रचनात्मकता, सौंदर्यबोध और दृश्य अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना भी है।
ऐतिहासिक पुस्तकों का विशेष प्रदर्शन
प्रदर्शनी में फोटोग्राफी से संबंधित 100 वर्ष से अधिक पुरानी दुर्लभ पुस्तकों का विशेष प्रदर्शन भी किया गया है। यह संग्रह दर्शकों को छायांकन के विकास, तकनीक और इतिहास को करीब से समझने का अवसर प्रदान कर रहा है।
विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शनी के साथ दो विशेष फोटोग्राफी कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं। 19 अगस्त को फैशन फोटोग्राफी तथा 20 अगस्त को पोर्ट्रेट प्रकाश व्यवस्था पर कार्यशाला होगी। इनके संचालन के लिए संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ एवं अनुभवी फोटोग्राफी प्रशिक्षकों को आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कार्यशालाओं में प्रवेश निःशुल्क है तथा इच्छुक प्रतिभागी मौके पर पंजीकरण कर सकते हैं।
कॉलेज ऑफ आर्ट्स फोटोग्राफिक सोसाइटी की स्थापना 1957 में कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स के छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा की गई थी। तब से यह संस्था फोटोग्राफी के प्रति रचनात्मकता, अध्ययन और दृश्य अभिव्यक्ति की संस्कृति को निरंतर बढ़ावा दे रही है।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक एवं आयोजन समन्वयक अतुल हूंडू हैं। आयोजन समिति में मयंक रस्तोगी, वेदांत शुक्ला, यश एवं यशवी, सौरभ, अक्षत, सौम्या, सहित महाविद्यालय के अन्य छात्र सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। इस अवसर पर मॉडर्न अकादमी, नेशनल पीजी कॉलेज, एमिटी यूनिवर्सिटी आदि संस्थानों के छात्र भी प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे।

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