
लखनऊ:- लखनऊ विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा आयकर विभाग (छूट शुल्क), लखनऊ के सहयोग से “नवीन आयकर अधिनियम, 2025” विषय पर जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम का सफल आयोजन मालवीय हॉल में किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रो.अर्चना सिंह, प्रो. राम मिलन, डॉ. भावना मिश्रा, सुश्री हिमानी चौधरी, संजीव कुमार सक्सेना तथा सीए .आशीष कपूर सहित विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.नीरा पाल द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का संयोजन कृष्णकांत वर्मा ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान एवं जागरूकता के प्रसार का प्रतीक है। इसके उपरांत स्नातकोत्तर छात्राओं अनीका, एकता एवं श्रुति द्वारा विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. राम मिलन ने वर्तमान शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिवेश में कर साक्षरता एवं जागरूकता की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं पेशेवरों को कर नीतियों एवं विनियामक ढाँचों में हो रहे परिवर्तनों से अद्यतन रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
तकनीकी सत्रों में नवीन आयकर अधिनियम, 2025 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। संजीव कुमार सक्सेना ने पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठनों (NPOs) हेतु संशोधित कर व्यवस्था के अंतर्गत अनुपालन आवश्यकताओं पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। इसके पश्चात सीए .आशीष कपूर ने पंजीकृत NPOs के लिए खातों की पुस्तकों एवं वैधानिक अभिलेखों के संधारण संबंधी आवश्यक प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
यह कार्यक्रम शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा गैर-लाभकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ, जिसमें नवीन आयकर अधिनियम, 2025 के क्रियान्वयन एवं प्रभावों से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम का समापन प्रो.अर्चना सिंह द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।



