बुंदेलखंड

सौभाग्य योजना से भी नहीं बदला इस गांव का भविष्य, 77 साल से ग्रामीण कर रहें हैं बिजली का इंतजार –

चित्रकूट:–  जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर एक ऐसा गांव है।यहां देश की आजादी के बाद से आज तक बिजली नहीं पहुंची है।बचपन से बिजली के बल्ब की रोशनी का इंतजार कर रहे ग्रामीणों की जवानी ढल गई है। गांव के लोग बिजली के बल्ब की रोशनी का अभी भी इंतजार कर रहे हैं।गांव के लोगों ने इसकी शिकायत क‌ई बार अधिकारियों से की,लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।

 

चित्रकूट के रैपुरा के गहोरा पाही गांव एनएच-35 मार्ग से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी पर है।आज भी गहोरा पाही गांव में विद्युतीकरण नहीं हुआ है।गांव के लोग अपने-अपने घरों में मोमबत्ती,दीपक, सोलर बैटरी से जलने वाली लाइट के सहारे रात गुजारते हैं।अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सिर्फ झूठे आश्वासन ही दिए।

 

*चौपट हो रहा है बच्चों का भविष्य*

 

गहोरा पाही गांव के बीए द्वितीय वर्ष के छात्र मकरंद सिंह ने बताया कि गांव में लाइट न होने से हमारी पढ़ाई भी चौपट होती जा रही है।हम लोग दिन में कॉलेज में ही पढ़ पाते हैं और शाम के समय अंधेरा होने के बाद हम पढ़ाई बिल्कुल भी नहीं कर पाते हैं,जिससे हमको अपना भविष्य आगे का चौपट नजर आ रहा है।

 

*नहीं मिली सौभाग्य योजना से भी बिजली*

गहोरा पाही गांव के रामचंद्र, प्रमोद, मंगल, रामू,शिव, सहित अन्य लोगों ने बताया की हमने गांव में लाइट के लिए उच्च अधिकारियों से लेकर जन्म प्रतिनिधियों तक एप्लीकेशन दी है,लेकिन आश्वासन के अलावा आज तक हमको अपने गांव में लाइट नहीं मिल पाई है।कुछ साल पूर्व सौभाग्य योजना के तहत मीटर लगाए गए थे,लेकिन कुछ दिन बाद उनको भी उखाड़ लिया गया।

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