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श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उत्सव भी प्रतिबंधित थे – दिव्य अग्रवाल

 

 

धर्म ज्ञान, राजनेताओं से अधिक धर्माचार्यों को होता है धीरेन्द्र शास्त्री जी के जिस वक्तव्य पर सोशल मीडिया पर घमासान मचाने का प्रयास किया जा रहा है उस वक्तव्य का किसी भी प्रतिष्ठित धर्माचार्य ने विरोध नहीं किया।

शास्त्री जी ने किसी जाती विशेष को लेकर कुछ नहीं कहा तो हिन्दू समाज को भ्रमित करने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। अभी कुछ समय पूर्व ही शास्त्री जी ने दिल्ली से लेकर मथुरा वृन्दावन तक पदयात्रा की थी जिसका मुख्य उद्देश्य इस्लामिक समाज द्वारा कब्जाई हुई श्री कृष्ण की जन्मस्थली को मुक्त कराने के भाव को जाग्रत करना था तब तथाकथित भक्तों ने क्यों नहीं कहा की यह गौरव का विषय है। हाँ यदि वास्तव में तथाकथित भक्तों को सनातन से प्रेम है तो जब सनातनी देवी देवताओं और धर्म ग्रंथो के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का उपयोग किया जाता है तो उन तथाकथित भक्तों का सनातनी प्रेम विलुप्त कैसे हो जाता है।

 

अब राम कथा का आयोजन जहाँ जहाँ पर भी होना है उसके लिए यह कहना की आपसी सौहार्द बचाने के लिए इन आयोजनों की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए क्या उन तथाकथित भक्तों ने अपने जीवन काल में प्रभु श्रीकृष्ण की या भगवद गीता की कथा सार्वजनिक रूप से कभी करवाई है। क्या भारत का इस्लामीकरण हो चूका है जो अब राम कथा होने से भारत में सौहार्द बिगड़ जायेगा, खैर इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं क्यूंकि तत्कालीन सरकार में सनातनी धार्मिक आयोजनों की अनुमति कम ही मिला करती थी।

 

पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उत्सव ही प्रतिबंधित हुआ करते थे शोभा यात्राओं में संगीत बजाने की भी अनुमति नहीं हुआ करती थी। अब पता नहीं यह कैसा कृष्ण प्रेम है अर्थात जो व्यक्ति श्री कृष्ण जन्मभूमि की स्वतंत्रता की बात जन जन तक पहुंचा रहा हो जो उसे कृष्ण द्रोही घोषित कर दो और जिस सरकार ने मथुरा के छाता गांव स्थित बांके बिहारी जी के मंदिर की भूमि अभिलेखों में खसरा बदलकर कब्रिस्तान को दे दी आज वो कृष्णा प्रेमी हो गए।

 

वस्तुतः जो प्रभु राम को पूजता है वो श्री कृष्णा को भी ध्याता है प्रत्येक सनातनी के घर में बांके बिहारी ठाकुर जी की प्रतिमा है अतः राजनेताओ से भी आग्रह है की भगवानो के स्वरूप को जातिगत रंग मत दीजिए सभी सनातनी उस एक ही ईश्वर की संतान हैं जिसके स्वरूप भिन्न भिन्न हैं।(सनातनी विचारक व लेखक)

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