
लखनऊ:- सौरभ राजपूत हत्याकांड में सूत्रों की मानें तो हत्या के आरोपी मुस्कान और साहिल नशे के आदी हैं और जेल में जाने के बाद से ही नशे की तड़प में काफी परेशान नजर आए. जेल सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने कारागार में नशे की मांग की. यहां उनकी तबीयत भी बिगड़ गई. इस वजह से दोनों को जेल के अंदर बने नशामुक्ति केंद्र की निगरानी में रखा गया है. सूत्रों का कहना है कि अगर उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ती है, तो उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में भी रखा जा सकता है. उन्हें सामान्य होने में 8 से 10 दिन का समय लग सकता है. फिलहाल, चिकित्सकों की टीम दोनों की सेहत पर नजर रख रही है.
सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिस तरीके से बेरहमी से कत्ल किया गया है, उससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि नशे का कहीं न कहीं उसमें भागीदारी रहा होगा. मुस्कान के परिजनों ने भी आरोप लगाया था कि मुस्कान और साहिल नशा करते हैं. साहिल ने ही मुस्कान को नशे की लत लगाई है. सूत्रों का कहना है कि अब जेल में दाखिल होने के बाद मुस्कान और साहिल नशे के लिए तड़प रहे हैं. मुस्कान के परिजनों ने तो यह भी कहा था कि यह दोनों नशे के इंजेक्शन लेते हैं और तमाम तरह के नशे करते हैं.
जेल नियमावली के हिसाब से दोनों को अलग-अलग बैरक में रखा गया है. मुस्कान को महिला बैरक में रखा गया था, जबकि साहिल शुक्ला को पुरुष बैरक में रखा गया है. जेल जाने के बाद से ही मुस्कान काफी परेशान दिख रही है, लेकिन साहिल कुछ नहीं बोल रहा था. वहीं मुस्कान के बारे में पता चला है कि जेल जाने के बाद वह पूरी रात परेशान रही और करवटें बदलती रही. मुस्कान ने खाना खाने से भी मना कर दिया था, लेकिन जैसे-तैसे मुस्कान को समझाकर खाना खिलाया गया. सूत्रों की मानें तो जेल की सलाखों के पीछे पहुंचकर साहिल खुलेआम नशा मांग रहा है. जेल सूत्रों की मानें तो वह नसों में लगने वाले इंजेक्शन का नशा करता है.
नशे के जाल में फंसने के कारण ही दोनों ने खाना पीना छोड़ रखा था, जैसे-तैसे समझाकर उनको खाना खिलाया गया. इस मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉक्टर वीरेश राज शर्मा का कहना है कि जेल में बंदी के लिए हर तरह के उपचार की सुविधा है. दोनों पर निगरानी रखी जा रही है. तबीयत खराब होने पर दोनों को डॉक्टरों के ऑब्जर्वेशन में ट्रीटमेंट के लिए भी रखा जा सकता है.